

*कोरबा के दो बेरोजगार युवक पवन चौहान व गुंजन झारिया से लगभग छः सप्ताह तक भाटागांव चौक रायपुर स्थित वैदेही हॉस्पिटल का प्रचार प्रसार करा कर पारिश्रमिक नहीं देकर,राशि की मांग करने पर देख लेने, जो करना है कर ले की धमकी देने वाले व्यक्ति सत्येंद्र द्विवेदी पर युवकों ने कोरबा कलेक्टर व श्रम विभाग से शिकायत कर पारिश्रमिक राशि दिलाए जाने की गुहार लगाई गई है। बेरोजगार युवक पवन चौहान, गुंजन झारिया से बात करने पर उन्होंने कहा कि सत्येंद्र द्विवेदी नामक व्यक्ति हमारी बेरोजगारी का लाभ उठाते हुए हमे अपने वैदेही हॉस्पिटल भाटा गांव चौक रायपुर के प्रचार प्रसार व क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों से संपर्क कराने के लिए प्रतिमाह बीस हजार रुपए दूंगा कहकर रखा गया था।लगभग 6 सप्ताह काम करने के पश्चात सत्येंद्र द्विवेदी के कार्यशैली पर शक हुआ कि वह मरीज दलाली करता है* *और आयुष्मान कार्ड पर निःशुल्क इलाज कराने की बात कहते हुए प्रति मरीज दस हजार रुपए नगद लेता है।जिस पर हमने मरीज दलाल सत्येंद्र द्विवेदी के साथ काम करने के लिए मना किया गया और अपनी 6* *सप्ताह की पारिश्रमिक मांगी गई, तब सत्येंद्र द्विवेदी ने कहा कि पैसा कुछ महीने तक दूंगा कहकर घुमाया गया फिर कहा कि अब नई दूंगा जो करना है सो करो, तुम्हे देख लूंगा। तब हमने श्रीमान कोरबा कलेक्टर व श्रम विभाग में शिकायत कर पारिश्रमिक राशि दिलाए जाने व इस व्यक्ति पर उचित कार्यवाही करने की गुहार लगाई है।*
*ज्ञात हो कि सेवा के नाम पर हॉस्पिटल संचालन करने वालों पर आए दिन कई तरह के गंभीर आरोप रहते हैं यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है, किंतु संबंधित विभाग इन पर कार्यवाही करने, इनके कई निम्न स्तर के कार्य पर लगाम लगाने नाकाम साबित हो जाती है। सेवा को जब व्यवसाय बना लिया जाए तो* *इस प्रकार की घटना तो लाजिमी है ही।बहरहाल मेरा हॉस्पिटल है कहकर बेरोजगार युवकों से काम निकाल कर पारिश्रमिक नहीं देने वाले हॉस्पिटल प्रबंधन व सत्येंद्र द्विवेदी जैसे शख्स पर संबंधित विभाग, संबंधित जिला प्रशासन को कार्यवाही तो करनी ही चाहिए।*




