गौरेला–पेंड्रा–मरवाही: नीदरलैंड से आए विदेशी मेहमानों को आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति की दी गई समग्र जानकारी


स्टेट हेड महेन्द्र सोनवानी की रिपोर्ट।
गौरेला–पेंड्रा–मरवाही (छत्तीसगढ़)।
जिले के लमना ग्राम स्थित Village Stay / Home Stay में नीदरलैंड से आए विदेशी मेहमानों को भारतीय प्राचीन एवं वैज्ञानिक चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। यह कार्यक्रम आवाज़ आयुर्वेद संगठन के तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य ग्रामीण पर्यटन के साथ-साथ आयुर्वेद की उपयोगिता, वैज्ञानिकता एवं जीवनशैली आधारित उपचार पद्धतियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान आयुर्वेद के मूल सिद्धांतों—त्रिदोष (वात, पित्त, कफ), पंचकर्म चिकित्सा, आहार–विहार, दिनचर्या एवं ऋतुचर्या—पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। उपस्थित चिकित्सकों ने बताया कि आयुर्वेद केवल रोगों के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संपूर्ण स्वास्थ्य संरक्षण एवं निरोग जीवन की प्रभावी पद्धति है।
इस अवसर पर डॉ. सोमेश कुशवाहा, डॉ. संदीप साह एवं डॉ. विवेक साहू विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने विदेशी मेहमान की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धतियों के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम के अंतर्गत विदेशी मेहमानों को शासकीय आयुर्वेद औषधालय बगरा का भी भ्रमण कराया गया। यहां उन्हें शासकीय स्तर पर उपलब्ध आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवाओं, औषधालय की कार्यप्रणाली एवं उपचार पद्धतियों से अवगत कराया गया। इस दौरान मेहमानों की नाड़ी स्वेदन (Nadi Swedana) थेरेपी कराई गई, जो डॉ. दीपा साहू के कुशल नेतृत्व में संपन्न हुई। चिकित्सकों द्वारा स्वेदन चिकित्सा के लाभ—दर्द निवारण, मांसपेशियों के शिथिलीकरण एवं शरीर शोधन—को सरल भाषा में समझाया गया।
नीदरलैंड से आए मेहमान ने आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति को प्राकृतिक, सुरक्षित एवं प्रभावी बताते हुए इसकी सराहना की। उन्होंने ग्रामीण परिवेश में इस प्रकार के आयुर्वेद जागरूकता कार्यक्रमों को भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। आवाज़ आयुर्वेद संगठन का यह प्रयास आयुर्वेद के वैश्विक प्रचार–प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी कदम माना जा रहा है।




