

स्टेट हेड महेन्द्र सोनवानी की रिपोर्ट।
कोरबा//पाली विकास खंड अन्तर्गत धान मंडी पाली में किसानों से चाय नाश्ता, खर्चा पानी के नाम पर अवैध उगाही का मामला सामने आया है।
जिस पर एक पीड़ित किसान ने बताया अवैध उगाही की पूरी बात।
कहा पैसे नहीं देने पर धान मंडी में कई प्रकार बहाने बनाकर टाइम को विलंब किया जाता है।
धान को गुणवत्ता हीन बताकर पैसे ऐंठने का काम चल रहा है।
उन्होंने बताया कि 500रु खुद मुझसे ऑपरेटर ने खर्चा पानी के नाम से लियाहै।
साथ ही हमाल के द्वारा भी चाय नाश्ता के नाम पर पैसा मांगा जा रहा है।
बता दें छत्तीसगढ़ शासन किसानों के हित में पारदर्शी धान खरीदी और सुगम, सुविधाजनक व्यवस्था का दावा कर रही है।
वहीं दूसरी ओर पाली मंडी की वास्तविक सच्चाई इन दावों को कटघरे में खड़ा कर रही है।
किसान सनद कुमार श्याम ने बताया कि यहां पाली धान मंडी में किसानों को सुबह से रात तक बहाने बनाकर भटकाया जा रहा है।
सरकार की योजनाओं पर पानी फेरता स्थानीय तंत्र।
एक तरफ छत्तीसगढ़ राज्य सरकार आदिवासी अंचलों के कृषकों को सशक्त बनाने, उनकी उपज का सही मूल्य दिलाने और सम्मानजनक व्यवस्था उपलब्ध करा रही है।
तो वहीं दूसरी ओर पाली धान मंडी की वास्तविक स्थिति सरकार की योजनाओं पर पानी फेरती नजर आ रही है।
प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की जरूरत
अब जिला प्रशासन तत्काल संज्ञान ले, पाली धान मंडी की भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच हो।
यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो यह साफ हो जाएगा कि किसानों की परेशानी और शोषण को नजर अंदाज किया जा रहा है। जो किसी भी हाल में सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के अनुरूप नहीं कहा जा सकता।




