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छत्तीसगढ़ मेडिकल कैशलेस कर्मचारी कल्याण संघ की मुहिम लाई रंग__प्रदेश के 5 लाख कर्मचारियों के लिए मेडिकल कैशलेस की घोषणा प्रांतीय संयोजक पीयूष गुप्ता ने शासन का जताया आभार

छत्तीसगढ़ मेडिकल कैशलेस कर्मचारी कल्याण संघ की वर्षों की सतत मुहिम आखिरकार सफल हुई। आज छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र की शुरुआत के साथ प्रस्तुत बजट में प्रदेश के लगभग 5 लाख कर्मचारियों एवं उनके परिवारों के लिए मेडिकल कैशलेस योजना की घोषणा की गई। इस ऐतिहासिक निर्णय से कर्मचारियों में खुशी की लहर है।
मेडिकल कैशलेस सुविधा लागू होने के बाद कर्मचारियों और उनके परिवारों को इलाज के लिए पहले अपनी जेब से राशि खर्च नहीं करनी पड़ेगी और न ही रीइंबर्समेंट की लंबी प्रक्रिया से गुजरना होगा। अब इलाज के लिए कर्ज लेने या संपत्ति बेचने जैसी परिस्थितियों से भी राहत मिलेगी।
संघर्ष की प्रमुख उपलब्धियां
संघ के प्रांतीय संयोजक पीयूष गुप्ता ने बताया कि यह सफलता लंबे और संगठित प्रयासों का परिणाम है—
• जून 2022 में कैशलेस चिकित्सा का विचार सामने आया।
• अगस्त 2022 में 10 संस्थापक साथियों के साथ संगठन का गठन हुआ।
• तत्कालीन सरकार को ज्ञापन सौंपा गया; केवल सरकारी अस्पतालों तक सीमित प्रस्ताव का संगठन ने विरोध किया।
• 2023 चुनाव के बाद नई सरकार बनने पर स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन दिया गया, जिसके बाद फरवरी में कमेटी गठित की गई।
• स्वास्थ्य संचालक सेवाओं को विस्तृत ड्राफ्ट प्रस्तुत किया गया।
• रक्षाबंधन पर मुख्यमंत्री के नाम राखी भेजी गई।
• परिवारों द्वारा पोस्टकार्ड अभियान चलाया गया।
• जनसमस्या निवारण शिविरों में हजारों कर्मचारियों ने आवेदन दिए।
• जिलों के कलेक्टर, मंत्रियों, सांसदों और विधायकों के माध्यम से मांग लगातार रखी गई।
• विधानसभा सत्र में भी विषय को प्रमुखता से उठाया गया।
• दुर्ग वैशाली नगर में प्रांतीय सम्मेलन आयोजित हुआ, जहां विधायक रिकेश सेन ने संगठन की सराहना की।
• सचिव स्तर पर कार्यवाही प्रारंभ हुई और उच्च स्तरीय कमेटी गठित की गई।
प्रदेश अध्यक्ष उषा चंद्राकर एवं संरक्षक राकेश सिंह के नेतृत्व में संगठन के राज्य, संभाग, जिला एवं विकासखंड स्तर के पदाधिकारियों ने निरंतर प्रयास किए।
संघ ने प्रदेश के मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, वित्त मंत्री एवं सभी जनप्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
प्रांतीय संयोजक पीयूष गुप्ता ने कहा कि संगठन का एकमात्र उद्देश्य कर्मचारी हित है। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2019 में पुरानी पेंशन बहाली की घोषणा भी कर्मचारी एकजुटता का परिणाम थी, और अब मेडिकल कैशलेस योजना की घोषणा से कर्मचारियों की होली और भी रंगीन हो गई है।
उन्होंने प्रदेश के सभी कर्मचारियों से संगठन पर विश्वास बनाए रखने और भविष्य में भी कर्मचारी हित की लड़ाई में साथ देने का आह्वान किया।

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