छत्तीसगढ़रायपुर

*प्रोजेक्ट धड़कन* *नम्रता के चेहरे में आई खुशहाली, हृदय संबंधी समस्या का हुआ समाधान* *स्क्रीनिंग के तीन दिन के भीतर ऑपरेशन, छठवें दिन हुई डिस्चार्ज* *परिजनों ने मुख्यमंत्री एवं जिला प्रशासन को दिया धन्यवाद*

स्टेट हेड महेन्द्र सोनवानी की रिपोर्ट।

रायपुर 16 फरवरी 2026/ तीन वर्षीय नम्रता बड़ी खुश है। अपने टेडी बियर से बतिया रही थी, साथ ही साथ अपनी फरारी टॉय कार को भी तेजी से घुमा रही थी। यह महसूस हो रहा था कि वह अपने दोस्त टेडी बियर के साथ किसी खूबसूरत जगह जाने का विचार कर रही है। इस खुशी का राज़ वह पूर्ण रूप से स्वस्थ है उसे किसी भी प्रकार की कोई तकलीफ नहीं है। क्योंकि उसकी हृदय संबंधी समस्या का गतमाह सत्य साई संजीवनी हॉस्पिटल में सफलतापूर्वक ऑपरेशन हो चुका है वह भी स्क्रीनिंग के तीन दिन के भीतर ही।

यह ऑपरेशन प्रोजेक्ट धड़कन के तहत हुआ है जो मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन रायपुर द्वारा चलाया जा रहा है। नम्रता चंगोराभांटा में रहती है उसके पिता प्रशांत कुमार यादव बहुत ही सामान्य परिवार से हैं जो वाहन चालक हैं। माता मेघा यादव गृहणी हैं। पास के ही आंगनबाड़ी में उनकी बच्ची नम्रता जाती थी। आम बच्चों के साथ खेलती भी थी तभी आंगनबाड़ी में आई प्रोजेक्ट धड़कन की टीम ने 22 जनवरी को स्क्रीनिंग किया। उनके स्पेशल स्टेथोस्कोप में विशेषज्ञों को कुछ लक्षण दिखाई दिए। टीम ने नम्रता के माता-पिता को इसकी सूचना देकर एडवांस चिकित्सकीय परीक्षण की सलाह दी। पिता प्रशांत ने नम्रता को बिना देरी किए सत्य सांई संजीवनी हॉस्पिटल ले गए। 23 जनवरी को सत्य सांई हॉस्पिटल नवा रायपुर में ईको करवाया गया जहां हृदय संबंधी समस्या की पुष्टि हुई और ऑपरेशन की सलाह दी गई। प्रोजेक्ट धड़कन की टीम ने सत्य सांई हॉस्पिटल के प्रबंधन के साथ समन्वय किया, तारीख तय हुई एवं तीन दिन के भीतर ही 24 जनवरी को बच्ची का सफलतापूर्वक ऑपरेशन हो गया। वह फिर से आंगनबाड़ी जा रही है व अन्य बच्चों के साथ खेल रही है।

उसके पिता प्रशांत एवं माता मेघा ने मुख्यमंत्री एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हमें अंदाजा भी नहीं था हमारी बच्ची को ऐसी तकलीफ है। प्रोजेक्ट धड़कन की टीम ने इस समस्या के बारे में बताया ही नहीं बल्कि उसके ऑपरेशन के लिए सत्य साई हॉस्पिटल में प्रबंध भी किया। हमें यह लगा था कि इस इलाज के लिए लंबा समय लगेगा मगर स्क्रीनिंग के महज तीन दिन के भीतर ही ऑपरेशन हो गया 27 जनवरी को डिस्चार्ज भी हो गई। आज हमारी बच्ची पूर्ण रूप से स्वस्थ है। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की पहल से जिला प्रशासन द्वारा प्रोजेक्ट धड़कन का संचालन किया जा रहा है। जिसमें आंगनबाड़ी एवं स्कूलों में बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। विशेष स्टेथोस्कोप से जांच की जाती है और हृदय में जन्मजात छिद्र की समस्या को चिन्हित को किया जाता है एवं उसका सत्य साई हॉस्पिटल में निःशुल्क इलाज किया जाता है।

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