

पोड़ी उपरोड़ा से संगम मरकाम की रिपोर्ट।
कोरबा जिला// विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा से एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है, जहां शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्राम पंचायत कारीमाटी के आश्रित ग्राम जाताडांड़, जो चारों ओर जंगल से घिरा हुआ है, वहां संचालित प्राथमिक शाला में बच्चों के साथ हो रहे व्यवहार ने सभी को हैरान कर दिया है।
👉 जब मौके पर पहुंचकर देखा गया तो चार छोटे-छोटे बच्चे स्कूल यूनिफॉर्म में नजर आए, लेकिन वे कक्षा में पढ़ाई करने के बजाय मुनगा (सहजन) के पेड़ पर चढ़कर फल तोड़ रहे थे।
कुछ बच्चे पेड़ के ऊपर चढ़े हुए थे, जबकि कुछ नीचे खड़े थे।
❗ जानकारी लेने पर बच्चों ने बताया कि उन्हें उनके सहायक शिक्षक श्री टेंगवार सर द्वारा मुनगा फल तोड़ने के लिए भेजा गया है।
⚠️ बड़ा सवाल – शिक्षा या शोषण?
माता-पिता बच्चों को स्कूल पढ़ने के लिए भेजते हैं, न कि विद्यालय में काम करने के लिए।
छोटे-छोटे बच्चों को कमजोर पेड़ पर चढ़ाकर कुल्हाड़ी से डगाल काटना बेहद खतरनाक
किसी भी समय हो सकती है गंभीर दुर्घटना या जान का खतरा
❓ जिम्मेदार कौन?
👉 अगर कोई हादसा होता है तो जिम्मेदारी किसकी होगी?
पालक?
शिक्षक?
या पूरा शिक्षा विभाग?
📢 शिक्षा विभाग से मांग
ऐसे शिक्षकों पर तत्काल कार्रवाई की जाए
बच्चों से इस तरह का काम करवाने पर सख्त रोक लगे
स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा दोनों सुनिश्चित की जाए
🛑 यह मामला केवल एक गांव का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल है।
👉 अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर लापरवाही पर क्या कदम उठाता है।




