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पहले 338क्विंटल, अब 166 क्विंटल का फर्जी उठाव – मस्तूरी में लगातार गड़बड़ी।

NM भारत न्यूज।

बिलासपुर -जिले के मस्तूरी क्षेत्र अंतर्गत सेवा सहकारी समिति एरमसाही (पंजीयन क्रमांक 687), शाखा मस्तूरी के धान खरीदी केंद्र में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और फर्जीवाड़े सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यहां धान खरीदी और उठाव प्रक्रिया में भारी गड़बड़ी की जा रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कार्यवाही करने के बजाए आंख मूंदकर बैठे हुए हैं।
“सेटिंग”से चल रहा है पूरा रैकेट?स्थानीय लोगों का आरोप है किसमिति प्रबंधक और मिलर के बीच जबरदस्त सांठगांठ है
*कागजों में धान, जमीन पर सन्नाटा*
शासन को लाखों-करोड़ों का चूना यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि संगठित घोटाले की किये जा रहे है।
*खाली ट्रक में दिखाया गया 166 क्विंटल धान*
ग्रामीणों के अनुसार, 6 अप्रैल lको ट्रक (क्रमांक CG 12 S 5222) जो कि हरिओम राइस मिल से जुड़ा बताया जा रहा है, धान खरीदी केंद्र पहुंचा। आरोप है कि इस ट्रक में 166 क्विंटल धान का फर्जी DO (डिलीवरी ऑर्डर) नील किया गया, जबकि ट्रक में केवल खाली बारदानों के 20 बंडल ही लोड किये गए थे।
ग्रामीणों ने मौके पर ट्रक को पकड़कर इस कथित घोटाले का खुलासा किया।

*प्रबंधक और मिलर की मिलीभगत का आरोप*
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पूरा खेल संस्था प्रबंधक और मिलर की आपसी सेटिंग से चल रहा है, जिससे शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
*अधिकारियों पर लापरवाही के आरोप*
इस मामले की शिकायत कई बार संबंधित अधिकारियों को की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि—
*सहकारिता सीओ गोधली वर्मा ने जिम्मेदारी खाद्य विभाग पर डाल दी*
*फूड इंस्पेक्टर मंगेश कांत ने सहकारिता और बैंक प्रबंधन को जिम्मेदार बताया*
*खाद्य नियंत्रक अमृत खजूर ने फोन रिसीव नहीं किया*
*सहकारिता डीआर जायसवाल ने टीम भेजने की बात कही, लेकिन नहीं हुई कोई कार्रवाई *

*48 घंटे से खड़ा है ट्रक, फिर भी जांच नहीं*
ग्रामीणों के अनुसार, संदिग्ध ट्रक पिछले 48 घंटे से धान खरीदी केंद्र में खड़ा है, लेकिन अब तक कोई अधिकारी मौके पर जांच के लिए नहीं पहुंचा है।
*पहले भी हो चुका है फर्जी उठाव*
यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 24 मार्च 2026 को भी इसी मिलर द्वारा 338 क्विंटल धान का फर्जी उठाव किया गया था। उस दिन एक 10 चक्का वाहन में 846 बोरी धान दिखाकर DO नील किया गया था, जबकि वास्तविकता में धान मौजूद नहीं था।
इसकी शिकायत 2 अप्रैल 2026 को कलेक्टर बिलासपुर, विपणन अधिकारी, खाद्य नियंत्रक एवं सहकारिता विभाग के अधिकारियों को दी गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

*सरकारी तंत्र पर उठे सवाल*
लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि इससे साफ जाहिर होता है कि कुछ अधिकारी और कर्मचारी भी इस घोटाले में संलिप्त हो सकते हैं।
ग्रामीणों की मांग

*ग्रामीणों ने मांग की है कि—*

1.पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो
2.दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए
3.धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए
वही जानकारों का कहना है कि उक्त मामले के सन्दर्भ मे जब डीआर द्वारा जाँच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही के आदेश दिए गए है तो मस्तूरी खाद्य निरीक्षक मंगेश कांत द्वारा कार्यवाही क्यों नहीं किया जा रहा उल्टा मिडिया को जानकारी ये देते फिर रहे है कि ये मामला सहकारिता विभाग का है कार्यवाही सीईओ गोधूलि मेम को करना चाहिए,

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