
NM भारत न्यूज (एजेंसी)
रायगढ़, 25 जून 2026। रायगढ़ जिले के राजस्व विभाग में बुधवार को हुई समीक्षा बैठक के बाद बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला। कलेक्टर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में राजस्व कार्यों की प्रगति और लंबित प्रकरणों की समीक्षा की गई। बैठक के दौरान कुछ तहसीलदारों ने बढ़ते कार्यभार और लगातार बढ़ रहे दबाव की समस्या उठाई। बताया जा रहा है कि इस चर्चा के कुछ ही घंटों बाद कलेक्टर ने सात तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों के प्रभार में बदलाव का आदेश जारी कर दिया। इस फैसले के बाद पूरे राजस्व विभाग में हलचल तेज हो गई।
राजस्व कार्यों में लापरवाही पर कलेक्टर सख्त
बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नामांतरण, सीमांकन, बंटांकन, किसान पंजीयन, जाति प्रमाण पत्र, राजस्व न्यायालयों के प्रकरण तथा अन्य राजस्व मामलों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि कई प्रकरण महीनों से आदेश के लिए सुरक्षित रखे गए हैं, लेकिन अब तक उनका निराकरण नहीं हो पाया है। इस स्थिति पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को जवाबदेही के साथ काम करने के निर्देश दिए।
‘काम के दबाव’ की शिकायत के बाद तत्काल कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, बैठक के दौरान कुछ तहसीलदारों ने अत्यधिक कार्यभार का मुद्दा उठाया और कलेक्टर से व्यक्तिगत रूप से भी इस संबंध में चर्चा की। इसके बाद प्रशासन ने देर शाम सात अधिकारियों के प्रभार में बदलाव कर दिया। इस त्वरित कार्रवाई को प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने और कार्यभार का संतुलन स्थापित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
इन अधिकारियों के हुए तबादले/प्रभार परिवर्तन
शिवम पांडेय – तहसीलदार घरघोड़ा से तमनार
मनोज गुप्ता – तहसील कार्यालय घरघोड़ा से तहसीलदार घरघोड़ा
संदीप सिंह राजपूत – तहसीलदार खरसिया से तहसीलदार लैलूंगा
वर्षा तिवारी – तहसील कार्यालय रायगढ़ से तहसीलदार मुकडेगा
मोनल साय – नायब तहसीलदार खरसिया से प्रभारी तहसीलदार खरसिया
हिमांशु सिंह – नायब तहसीलदार मुकडेगा से नायब तहसीलदार घरघोड़ा
उज्ज्वल पांडेय – नायब तहसीलदार लैलूंगा से नायब तहसीलदार खरसिया
इन तहसीलों में नहीं हुआ कोई बदलाव
जारी आदेश में रायगढ़, धरमजयगढ़ और पुसौर तहसीलों को यथावत रखा गया है। फेरबदल केवल घरघोड़ा, तमनार, खरसिया, लैलूंगा और मुकडेगा क्षेत्र के अधिकारियों तक सीमित रहा।
प्रशासनिक गलियारों में चर्चाओं का दौर
इस त्वरित कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। इसे एक ओर कार्यभार के संतुलन की पहल माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर अधिकारियों को समय-सीमा में लंबित मामलों के निराकरण के प्रति सख्त संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है।




