

NM भारत न्यूज (एजेंसी)
पोड़ी उपरोड़ा। विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा अंतर्गत ग्राम पंचायत बनखेता के आश्रित ग्राम कासामार में विद्युत विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई है। गांव के प्राथमिक शाला परिसर में पेड़ से होकर गुजर रहा छिला एवं जर्जर बिजली का केबल लंबे समय से दुर्घटना को खुला निमंत्रण दे रहा है। विद्यालय में प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पढ़ाई करने आते हैं। ऐसे में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन विभाग अब तक हाथ पर हाथ धरे बैठा है।
मामले की गंभीरता इस बात से भी समझी जा सकती है कि ग्राम पंचायत बनखेता के सरपंच श्री कवल श्याम ने केवल मौखिक सूचना ही नहीं, बल्कि सहायक अभियंता, विद्युत विभाग, पोड़ी उपरोड़ा को 17 दिसंबर 2025 को दो अलग-अलग लिखित आवेदन देकर तत्काल कार्रवाई की मांग की थी। दोनों आवेदन विभाग कार्यालय में प्राप्त भी हुए, जिसकी प्राप्ति मुहर भी दर्ज है। इसके बावजूद आज तक समस्या जस की तस बनी हुई है।
पहले आवेदन में क्या कहा गया?
पहले आवेदन में सरपंच ने बताया कि झोपड़पारा, कासामार में लगा बिजली का पोल गलत स्थान पर होने के कारण विद्युत केबल पेड़ से होकर गुजर रहा है। केबल घिसकर छिल चुका है, जिससे कभी भी करंट फैल सकता है और बड़ी जनहानि हो सकती है। आवेदन में पोल का स्थानांतरण तथा नया पोल लगाने की मांग की गई थी।
दूसरे आवेदन में स्कूल के बच्चों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया गया
दूसरे आवेदन में सरपंच ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि प्राथमिक शाला कासामार के सामने पेड़ पर लटक रहा जर्जर एवं छिला हुआ बिजली का तार बच्चों के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है। आवेदन में स्पष्ट लिखा गया कि विद्यालय परिसर में बच्चों का लगातार आना-जाना रहता है, इसलिए इस तार को तत्काल हटाकर सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए और जर्जर केबल को बदला जाए।
शिकायत के बाद भी नहीं जागा विभाग
दोनों लिखित शिकायतों के बावजूद विद्युत विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। न तो पोल हटाया गया, न केबल बदला गया और न ही लाइन का स्थानांतरण किया गया। इससे विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय परिसर में बच्चे खेलते हैं, प्रार्थना करते हैं और पूरे दिन उनकी आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में पेड़ से लटकता छिला हुआ बिजली का केबल किसी भी समय करंट फैलाकर बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है।
आखिर विभाग किस बात का इंतजार कर रहा है?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब जनप्रतिनिधि द्वारा दो-दो बार लिखित शिकायत दी जा चुकी है और विभाग ने आवेदन प्राप्त भी कर लिया है, तब भी कार्रवाई क्यों नहीं की गई? क्या विद्युत विभाग किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेगा?
ग्रामीणों, पालकों एवं पंचायत सरपंच सभी प्रतिनिधियों ने विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि विद्यालय परिसर से गुजर रहे खतरनाक बिजली के केबल को तत्काल बदला जाए, पोल का स्थानांतरण किया जाए तथा पूरे क्षेत्र को सुरक्षित बनाया जाए, ताकि मासूम बच्चों की जान जोखिम में न पड़े।
यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसी भी अप्रिय घटना की पूरी जिम्मेदारी संबंधित विद्युत विभाग की होगी।




