

NM भारत न्यूज।
रायगढ़। जिले के खरसिया वन परिक्षेत्र अंतर्गत गुर्दा क्षेत्र में स्थित मांड नदी से एक बेहद दुखद और चिंताजनक खबर सामने आई है। नदी में डूबने से एक हाथी शावक की मौत हो गई, जिससे वन विभाग में हड़कंप मच गया है। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे तथा मामले की जांच शुरू कर दी गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बारभौना, गुर्दा और नवागांव क्षेत्र के जंगलों में पिछले कई दिनों से लगभग 50 हाथियों का बड़ा दल विचरण कर रहा था। भीषण गर्मी के बीच हाथियों का यह दल पानी की तलाश में मांड नदी की ओर पहुंचा था। बताया जा रहा है कि नदी पार करने या पानी में उतरने के दौरान एक शावक गहरे पानी में फंस गया। काफी प्रयास के बावजूद वह बाहर नहीं निकल सका और उसकी मौत हो गई।
हाथियों के दल में दिखी बेचैनी
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार शावक की मौत के बाद हाथियों के दल में असामान्य हलचल और बेचैनी देखी गई। कई घंटों तक हाथियों का झुंड आसपास मंडराता रहा। इस दौरान वन विभाग ने क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी ताकि किसी प्रकार की जनहानि या मानव-हाथी संघर्ष की स्थिति न बने।
वन विभाग ने शुरू की जांच
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शावक के शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि होगी। हालांकि प्रारंभिक जांच में शावक के डूबने की आशंका जताई जा रही है।
लगातार बढ़ रही चिंता
रायगढ़ जिले में हाल के महीनों में हाथी शावकों की मौत की घटनाएं वन्यजीव संरक्षण के लिए गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही हैं। वन विभाग लगातार हाथियों की निगरानी कर रहा है, लेकिन प्राकृतिक और अन्य कारणों से हो रही मौतें विभाग के लिए चुनौती बनी हुई हैं।
ग्रामीणों में दहशत और चिंता
गुर्दा, बारभौना और आसपास के गांवों में हाथियों की लगातार मौजूदगी के कारण ग्रामीण पहले से ही सतर्क हैं। शावक की मौत के बाद लोगों में यह आशंका भी बढ़ गई है कि हाथियों का दल अधिक आक्रामक हो सकता है। प्रशासन ने ग्रामीणों से जंगल और हाथियों के विचरण वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की अपील की है।



