

NM भारत न्यूज (एजेंसी)
पोड़ी उपरोड़ा।
शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही से जुड़े मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है। प्राथमिक शाला कटेलपारा में पदस्थ सहायक शिक्षक संतोष कुजूर के विरुद्ध प्रारंभिक विभागीय कार्रवाई करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। शिक्षक पर बिना स्वीकृत अवकाश लिए लगातार 3–4 दिनों तक विद्यालय से अनुपस्थित रहने तथा निर्माणाधीन भवन में बच्चों की पढ़ाई संचालित होने जैसे गंभीर मामलों को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, विद्यालय में शिक्षक की अनुपस्थिति के कारण शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। वहीं निर्माणाधीन भवन में विद्यार्थियों की पढ़ाई कराए जाने का मामला भी सामने आया, जिससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे। समाचार प्रकाशित होने के बाद शिक्षा विभाग ने पूरे मामले को संज्ञान में लेते हुए तत्काल कार्रवाई प्रारंभ कर दी।
विभाग द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस में सहायक शिक्षक संतोष कुजूर को निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपना लिखित जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग यह जानना चाहता है कि बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के लगातार अनुपस्थित रहने के पीछे क्या कारण थे और ऐसी परिस्थितियों में विद्यालय का संचालन किस प्रकार किया जा रहा था। निगरानी करने वाले सीएससी गोपाल पोटा्म के ऊपर भी गंभीर सवाल उठती है, बिना सरंक्षण से संभव नहीं।
सूत्रों के अनुसार, यदि शिक्षक का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया अथवा आरोपों की पुष्टि होती है, तो उनके विरुद्ध छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियमों एवं विभागीय प्रावधानों के तहत आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। शिक्षा विभाग अब पूरे मामले की तथ्यात्मक जांच भी कर रहा है।
गौरतलब है कि किसी भी सरकारी विद्यालय में शिक्षक की नियमित उपस्थिति विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। वहीं निर्माणाधीन भवन में कक्षाएं संचालित होना बच्चों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी चिंता का विषय माना जा रहा है। ऐसे मामलों में समय पर कार्रवाई न होने से शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता और अभिभावकों का विश्वास दोनों प्रभावित होते हैं।
अब सबकी नजर अगले कदम पर…
शिक्षा विभाग ने फिलहाल कारण बताओ नोटिस जारी कर प्रारंभिक कार्रवाई शुरू कर दी है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या विभाग केवल नोटिस तक सीमित रहेगा या जांच पूरी होने के बाद दोष सिद्ध होने पर संबंधित शिक्षक के विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई भी करेगा? इसका जवाब आने वाले दिनों में विभाग की जांच और निर्णय से स्पष्ट होगा।




