
NM भारत न्यूज (एजेंसी)
सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले से एक बेहद दुखद और संवेदनशील मामला सामने आया है। पलाड़ी कला स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के हॉस्टल में कक्षा 9वीं के 15 वर्षीय छात्र ओमेश कुमार कंवर का शव गुरुवार सुबह टॉयलेट में फंदे से लटका मिला। घटना के बाद पूरे विद्यालय परिसर में हड़कंप मच गया, जबकि जिला अस्पताल पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
मृतक छात्र ग्राम बासीन का निवासी था। गुरुवार सुबह साथी छात्रों ने जब उसे टॉयलेट में फंदे पर लटका देखा, तो तत्काल विद्यालय प्रबंधन को सूचना दी। आनन-फानन में छात्र को नीचे उतारकर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का आरोप: “मानसिक प्रताड़ना ने ली बेटे की जान”
मृतक के चचेरे भाई संजय कंवर ने आरोप लगाया है कि विद्यालय के प्राचार्य मनोज गुप्ता छात्र को छोटी-छोटी बातों पर डांटते और मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। उनका कहना है कि इसी कथित मानसिक दबाव के कारण छात्र ने यह कदम उठाया। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
ध्यान रहे: ये आरोप परिजनों द्वारा लगाए गए हैं। पुलिस जांच के बाद ही इनकी पुष्टि या खंडन हो सकेगा।
बड़ा प्रशासनिक कदम: प्राचार्य तत्काल निलंबित
मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय आदिवासी छात्र शिक्षा समिति (NESTS) के आयुक्त ने प्राचार्य मनोज गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई प्रारंभिक प्रशासनिक स्तर पर की गई है और इससे आपराधिक जिम्मेदारी स्वतः सिद्ध नहीं होती।
कैमरे पर कुछ नहीं बोले प्राचार्य
घटना के बाद जब मीडिया ने प्राचार्य से उनका पक्ष जानने की कोशिश की, तो उन्होंने कैमरे के सामने कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया।
पहले भी उठ चुके थे हॉस्टल की बदहाली के मुद्दे
स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ दिन पहले ही छात्रों ने हॉस्टल की अव्यवस्थाओं और समस्याओं को लेकर कलेक्टर से शिकायत की थी। उनका आरोप है कि शिकायत के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
हर पहलू से जांच में जुटी पुलिस
सक्ती एसडीओपी ने बताया कि पुलिस ने पंचनामा और अन्य आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, साक्ष्यों और जांच के आधार पर ही मौत के कारणों और किसी संभावित जिम्मेदारी के संबंध में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अब सबसे बड़ा सवाल…
क्या इस दुखद घटना के बाद छात्रावासों की व्यवस्था, छात्रों की सुरक्षा और उनकी शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके?




