भ्रष्टाचार की ‘शेड’ सांसद मद के डकार गए लाखों सचिव, इंजीनियर; नियमों को ठेंगा दिखा धार्मिक स्थल पर करा दिया निर्माण, जाँच टीम पर बचाने के आरोप*

NM भारत न्यूज।
*गौरेला-पेंड्रा-मरवाही-:* जिले में विकास कार्यों के लिए आने वाली सरकारी राशि किस तरह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही है, इसका ताजा उदाहरण जनपद पंचायत पेंड्रा के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत घाघरा और ग्राम कुदरी में देखने को मिला है। यहाँ कोरबा लोकसभा सांसद की निधि से हुए शेड निर्माण कार्य में भारी भ्रष्टाचार और नियमों की धज्जियाँ उड़ाने का मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि अब इस मामले में जाँच टीम द्वारा सिर्फ खानापूर्ति और लीपापोती की जा रही है, जिससे यह साफ नजर आ रहा है कि दोषियों को बचाने की पुरजोर कोशिश हो रही है।
*सूचना पटल दे रहे गवाही: 5-5 लाख की लागत से हो रहा निर्माण:-*
मौके पर लगे निर्माण कार्य के सूचना पटल (बोर्ड) से मिली जानकारी के अनुसार, यह कार्य कोरबा लोकसभा क्षेत्र की सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत की सांसद निधि (एम.पी. लैड्स) से स्वीकृत है।
>• ग्राम पंचायत घाघरा-: यहाँ ‘खालेपारा’ में शेड निर्माण कार्य किया जा रहा है, जिसकी लागत 5.00 लाख रुपये है।
>• ग्राम पंचायत कुदरी-: यहाँ ‘गौठान पारा’ में शेड निर्माण कार्य स्वीकृत है, जिसकी लागत भी 5.00 लाख रुपये है। दोनों ही पंचायतों में स्वीकृत वर्ष 2025-26 दर्ज है और कार्य एजेंसी के रूप में संबंधित ग्राम पंचायत के सरपंच एवं सचिव का नाम लिखा है। लेकिन सूचना पटल पर कार्य प्रारंभ और पूर्ण होने की तिथि का कॉलम खाली छोड़ा गया है, जो कार्य पर शुरू से ही सवाल खड़े करता है।
*सरपंच, सचिव और इंजीनियर की मिलीभगत से मनमानी निर्माण कार्य :-*
ग्रामीणों और सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे निर्माण कार्य में ग्राम पंचायत के सचिव और विभागीय इंजीनियर की गहरी मिलीभगत रही है। इनकी शह पर ठेकेदार ने अपनी मनमानी करते हुए बड़ी ही फुर्ती के साथ इस भ्रष्टाचार युक्त और गुणवत्ताविहीन निर्माण कार्य को अंजाम दिया है।
*धार्मिक स्थल पर निर्माण: कमीशन के फेर में इंजीनियर ने किया नियमों को दरकिनार:-*
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल इंजीनियर की भूमिका पर उठ रहा है। शासकीय नियमों के अनुसार किसी भी धार्मिक स्थल पर सांसद मद से निर्माण कार्य नहीं कराया जा सकता है। इसके बावजूद, आरोप है कि इंजीनियर ने मोटी रकम की कमीशन खाकर न सिर्फ स्थल का निरीक्षण किया, बल्कि इस नियम विरुद्ध कार्य को हरी झंडी भी दे दी।
*जिला योजना एवं सांख्यिकी विभाग दीपा सोम रावटे ने उठाया सवाल, कहा- यह सरासर गलत है :-*
इस मामले को लेकर दीपा सोम रावटे ने कड़ा ऐतराज जताते हुए जनपद स्तर की अधिकारियो की कार्य की पोल खोली है। अपने बयान में उन्होंने स्पष्ट किया है “नियम के अनुसार धार्मिक स्थल पर सांसद मद से काम नहीं हो सकता। अगर इस प्रकार का ग्राम पंचायत में निर्माण हुआ है, तो वह सरासर गलत है और नियमों का खुला उल्लंघन है।” और स्थल जाँच कर उचित कार्यवाही करेंगे..?
*क्या अब इसके बाद भी बचेंगे अधिकारी या होगी सख्त कार्रवाई?*
क्षेत्र की जनता और जागरूक नागरिक यह सवाल पूछ रहे हैं कि क्या इतनी बड़ी गड़बड़ी और तस्वीरों में साफ दिख रही अनियमितता के बावजूद भ्रष्ट विभागीय अधिकारियों को बचाया जाएगा? धार्मिक स्थल पर काम न होने के स्पष्ट नियम के बावजूद निर्माण कराने वालों पर अब तक गाज क्यों नहीं गिरी? प्रशासन से मांग की जा रही है कि इस मामले की किसी स्वतंत्र और निष्पक्ष टीम से उच्च स्तरीय जाँच कराई जाए और कमीशनखोर इंजीनियर सहित दोषी सचिव के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।




