

NM भारत न्यूज (एजेंसी)
कोरबा/पोड़ी उपरोड़ा। विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा के ग्राम गुरसियां में उस समय राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई, जब जनपद सदस्य के पति भोला गोस्वामी के खिलाफ गंभीर आरोपों से जुड़े दो अलग-अलग शिकायत पत्र जिला प्रशासन और पुलिस विभाग को सौंपे गए। शिकायतों में अवैध शराब कारोबार को संरक्षण देने से लेकर आदिवासियों के शोषण, अवैध वसूली और शासकीय कार्यों में हस्तक्षेप तक के आरोप लगाए गए हैं।
सरपंच, पंच एवं ग्रामीणों द्वारा पुलिस अधीक्षक को सौंपे गए शिकायत पत्र में कहा गया है, कि गुरसियां के आगे पहाड़ी स्थित सोनू ढाबा क्षेत्र में लंबे समय से खुलेआम महुआ शराब की अवैध बिक्री हो रही है। आरोप है कि कार्रवाई की भनक लगते ही संबंधित लोगों को पहले से सूचना पहुंचा दी जाती है, जिससे पुलिस और विभागीय कार्रवाई निष्प्रभावी हो जाती है।
शिकायतकर्ताओं का दावा है कि अवैध शराब कारोबार के कारण क्षेत्र के युवा और नाबालिग बच्चे नशे की चपेट में आ रहे हैं,तथा सामाजिक माहौल लगातार बिगड़ रहा है।
इसी बीच कलेक्टर को सौंपे गए दूसरे शिकायत पत्र में भोला गोस्वामी पर और भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में कहा गया है कि विभिन्न विभागों के कुछ कर्मचारियों से सांठगांठ कर ग्रामीणों एवं आदिवासियों को विभिन्न मामलों में फंसाने, अवैध वसूली करने और आर्थिक लाभ लेने का कार्य किया जा रहा है।
शिकायत पत्र में रेत चोरी, डीजल-पेट्रोल के अवैध कारोबार, वन एवं राजस्व प्रकरणों में हस्तक्षेप, पंचायत कार्यों में बाधा, शासकीय भूमि पर अतिक्रमण तथा स्थानीय कर्मचारियों पर दबाव बनाकर अनुचित कार्य कराने जैसे आरोपों का भी उल्लेख किया गया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
*खबर की बड़ी बातें*
जनपद सदस्य के पति के खिलाफ एक ही दिन दो गंभीर शिकायतें।
अवैध शराब कारोबार को संरक्षण देने का आरोप।
आदिवासियों के शोषण और अवैध वसूली की शिकायत।
विभागीय कर्मचारियों से सांठगांठ के आरोप।
रेत चोरी, अवैध कारोबार और शासकीय कार्यों में हस्तक्षेप का मामला।
ग्रामीणों ने कलेक्टर और एसपी से उच्च स्तरीय जांच की मांग की।
अब सबकी नजर प्रशासन की कार्रवाई पर
क्षेत्र में चर्चा का विषय बने इन शिकायत पत्रों के बाद अब लोगों की निगाहें जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि शिकायतों में लगाए गए आरोपों की पुष्टि होती है तो यह मामला क्षेत्र की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़ा असर डाल सकता है।




