
NM भारत न्यूज।
कोरबा। पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड अंतर्गत सिरमिना-सिमगा-सरपता क्षेत्र के लिए यह गर्व और सम्मान का अवसर है। गांव की गरीबी, अभाव और कठिन परिस्थितियों से निकलकर बस्तर संभाग में उपायुक्त (डिप्टी कमिश्नर) जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक पद तक पहुंचने वाले क्षेत्र के होनहार पुत्र श्री भुवाल सिदार शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद अपने गृह ग्राम सरपता लौट रहे हैं। उनके आगमन को लेकर पूरे क्षेत्र में खुशी और उत्साह का माहौल है।
श्री भुवाल सिदार का जीवन संघर्ष, परिश्रम और सफलता की ऐसी मिसाल है, जो आज के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है। सीमित संसाधनों और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने शिक्षा को अपना हथियार बनाया और अपने अथक प्रयासों के बल पर प्रशासनिक सेवा में उच्च मुकाम हासिल किया। बस्तर संभाग में उपायुक्त (डिप्टी कमिश्नर) के रूप में सेवाएं देते हुए उन्होंने ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और जनहित के कार्यों से अपनी अलग पहचान बनाई।
क्षेत्र से कभी नहीं टूटा जुड़ाव
ग्रामीणों का कहना है कि उच्च पद पर रहते हुए भी श्री सिदार अपने गांव और क्षेत्र के लोगों से हमेशा जुड़े रहे। क्षेत्र के लोगों के सुख-दुख में सहभागी बनना, जरूरतमंदों की मदद करना और सामाजिक कार्यों में रुचि लेना उनकी विशेष पहचान रही है। यही कारण है कि आज उनके सेवानिवृत्त होकर गांव लौटने पर ग्रामीणों में अपार उत्साह देखने को मिल रहा है।
31 मई को स्वागत कार्यक्रम, 1 जून को गृह ग्राम पहुंचेंगे
31 मई 2026 को शासकीय सेवा पूर्ण कर बस्तर से रवाना होने के उपलक्ष्य में ग्राम सरपता के ग्रामीणों द्वारा विशेष स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया गया। वहीं 1 जून 2026 को उनके गृह ग्राम सरपता पहुंचने पर भव्य स्वागत की तैयारी की गई है। गांव में स्वागत द्वार सजाए जा रहे हैं और ग्रामीण अपने प्रिय अधिकारी के स्वागत के लिए उत्सुकता से इंतजार कर रहे हैं।
युवाओं के लिए प्रेरणादायक व्यक्तित्व
क्षेत्र के बुजुर्गों और युवाओं का मानना है कि श्री भुवाल सिदार ने यह साबित कर दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो तो किसी भी कठिन परिस्थिति को पार कर सफलता हासिल की जा सकती है। उनकी उपलब्धि न केवल सरपता बल्कि पूरे पोड़ी उपरोड़ा क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है।



