पोड़ी उपरोड़ा:पुटुवा पंचायत में लाखों के फर्जी आहरण का आरोप : पूर्व सचिव और वर्तमान सरपंच की मिलीभगत से जल व्यवस्था के नाम पर बंदरबांट !

NM भारत न्यूज।
कोरबा/पोड़ी उपरोड़ा।
पोड़ी उपरोड़ा// विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पुटुवा में पंचायत निधि के दुरुपयोग और फर्जी राशि आहरण का मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत पुटुवा में लंबे समय से पदस्थ रहे पूर्व सचिव वीरेन्द्र कुमार सिंह एवं वर्तमान सरपंच अनंगविलास पर मिलीभगत कर पंचायत के विकास कार्यों की राशि का बंदरबांट करने का गंभीर आरोप लग रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार जल व्यवस्था एवं समर्शिबल पंप स्थापना के नाम पर वर्ष 2025-26 में लाखों रुपए की राशि फर्जी तरीके से आहरित कर ली गई, जबकि जमीनी स्तर पर कार्य नगण्य दिखाई दे रहा है।
बताया जा रहा है कि पंचायत में पंप, सिंटेक्स, पाइप, केबल एवं समर्शिबल सामग्री खरीदी के नाम पर बार-बार भुगतान दर्शाकर पंचायत निधि से बड़ी रकम निकाली गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत रिकॉर्ड में सामग्री खरीदी दर्शाई गई, लेकिन गांव में न तो पर्याप्त जल व्यवस्था दिखाई दे रही है और न ही कार्यों का कोई स्पष्ट प्रमाण मौजूद है।
बस एक दो सिन्टेक्स लगाकर बढ़ा चढ़ा कर बिल लगाकर राशि आहरण कर लिया गया है।
रिकॉर्ड में दर्शाए गए भुगतान इस प्रकार हैं —
दिनांक 08.08.2025
पंप, सिंटेक्स, पाइप एवं केबल सामग्री के नाम पर — ₹57,072=00
दिनांक 15.10.2025
समर्शिबल पंप सिंटेक्स सामग्री — ₹40,000=00
दिनांक 15.10.2025
समर्शिबल पंप सिंटेक्स सामग्री — ₹40,000=00
दिनांक 17.10.2025
समर्शिबल पंप सिंटेक्स सामग्री — ₹40,000=00
ग्रामीणों कि माने तो एक ही प्रकार की सामग्री के नाम पर बार-बार राशि आहरित की गई, जिससे पूरे मामले में भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े की आशंका गहराती जा रही है। पंचायत में विकास कार्यों के बजाय केवल कागजों में भुगतान दिखाकर शासन की राशि का दुरुपयोग किए जाने की चर्चा क्षेत्र में तेज हो गई है।
स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि यदि पंचायत के वित्तीय रिकॉर्ड, बिल-वाउचर और सामग्री खरीदी की पूरी जांच कराई जाए तो करोड़ों नहीं तो लाखों रुपए के गड़बड़ी का खुलासा हो सकता है।
अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और जनपद पंचायत इस गंभीर मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं तथा पंचायत निधि के कथित दुरुपयोग पर क्या कार्रवाई होती है।




