

N M भारत न्यूज (एजेंसी)
कोरबा/पोड़ी उपरोड़ा। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अवैध खनन के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इसके बावजूद कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड अंतर्गत तुमान-अमलडीहा क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन का खेल बदस्तूर जारी रहने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में रात के अंधेरे का फायदा उठाकर रेत माफिया नदी और घाटों से बड़े पैमाने पर रेत निकाल रहे हैं। सबसे गंभीर बात यह बताई जा रही है कि अवैध रेत परिवहन में कई बार कम उम्र के किशोरों और अनुभवहीन चालकों को ट्रैक्टर एवं अन्य भारी वाहनों की स्टेयरिंग थमा दी जाती है, जिससे न केवल शासन के नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।
*रात होते ही सक्रिय हो जाता है अवैध कारोबार*
ग्रामीणों के अनुसार दिनभर शांत दिखाई देने वाला क्षेत्र रात होते ही रेत परिवहन का केंद्र बन जाता है। ट्रैक्टर और अन्य वाहन लगातार नदी घाटों से रेत भरकर विभिन्न स्थानों की ओर जाते देखे जाते हैं। लोगों का कहना है कि कई बार संबंधित विभागों को इसकी सूचना दी गई, लेकिन कार्रवाई के नाम पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि मुख्य मार्गों से होकर अवैध परिवहन होने के बावजूद जिम्मेदार विभागों की नजर इस पर नहीं पड़ रही है, जिससे रेत माफियाओं के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं।
रेलवे परियोजना क्षेत्र के आसपास बढ़ी गतिविधियां
तुमान क्षेत्र में रेलवे लाइन निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। देव ढाबा के पास रेलवे परियोजना का बड़ा कार्यस्थल और सामग्री केंद्र स्थापित है, जहां से निर्माण सामग्री विभिन्न स्थलों तक पहुंचाई जाती है। ग्रामीणों का आरोप है कि इसी निर्माण कार्य की आड़ में अवैध रूप से निकाली गई रेत को खपाने का कार्य किया जा रहा है।
और क्षेत्र में लगातार बढ़ती रेतअवैध उत्खनन,परिवहन गतिविधियों ने लोगों के बीच कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
*कम उम्र के चालकों से बढ़ रहा खतरा*
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार ऐसे किशोर वाहन चलाते दिखाई देते हैं जिनके पास न तो वैध ड्राइविंग लाइसेंस होता है और न ही भारी वाहन संचालन का अनुभव। रात के समय तेज रफ्तार से चलने वाले ये वाहन ग्रामीणों, राहगीरों और अन्य वाहन चालकों के लिए खतरा बन सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि नाबालिग अथवा अनुभवहीन व्यक्तियों द्वारा भारी वाहन चलाना मोटर व्हीकल नियमों का उल्लंघन है और किसी भी समय बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है।
*खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल*
लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से खनिज विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब प्रदेश के अन्य जिलों में अवैध खनन के खिलाफ लगातार कार्रवाई हो रही है, तब तुमान-अमलडीहा क्षेत्र में रेत माफियाओं के खिलाफ प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए जा रहे हैं?
आखिर खनिज विभाग मूक दर्शक बनी क्यों बैठी है
ग्रामीणों के बीच यह चर्चा भी है कि आखिर ऐसा कौन-सा कारण है जिसके चलते शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही। गौरतलब है कि रेत माफियाओं का कार्य बहुत लंबे समय से चल रही है।
*राजस्व और पर्यावरण दोनों को नुकसान*
अवैध रेत उत्खनन से शासन को राजस्व हानि होने के साथ-साथ पर्यावरणीय नुकसान की आशंका भी बढ़ जाती है। नदी तटों का कटाव, भूजल स्तर पर असर तथा प्राकृतिक संसाधनों के अनियंत्रित दोहन जैसी समस्याएं भविष्य में गंभीर रूप ले सकती हैं।
ग्रामीणों ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग
स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन, खनिज विभाग, पुलिस प्रशासन एवं परिवहन विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा अवैध खनन और परिवहन में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र में अवैध कारोबार और अधिक फैल सकता है।




