


NM भारत न्यूज (एजेंसी)
पोड़ी उपरोड़ा। विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा अंतर्गत ग्राम पंचायत सेमरा के प्राथमिक शाला गुरुद्वारी कटेलपारा की शिक्षा व्यवस्था गंभीर सवालों के घेरे में है। विद्यालय में पदस्थ एक सहायक शिक्षक एस. के. कुजूर के लगातार चार दिनों से अनुपस्थित रहने तथा विद्यालय के निर्माणाधीन भवन में संचालित होने के कारण शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं।
एक ओर शिक्षक की अनुपस्थिति से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, वहीं दूसरी ओर अधूरे भवन और तालाब के किनारे संचालित कक्षाओं को लेकर बच्चों की सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, विद्यालय में पदस्थ सहायक शिक्षक एस.के.कुजूर पिछले चार दिनों से विद्यालय नहीं पहुंचे।
जब इस संबंध में प्रधान पाठक एन . के.जायसवाल से जानकारी ली गई तो पहले उन्होंने बताया कि शिक्षक अवकाश पर हैं। लेकिन जब उनसे अवकाश आवेदन (एप्लीकेशन) दिखाने का आग्रह किया गया तो उन्होंने कहा कि आवेदन उनके पास उपलब्ध नहीं है। शायद संकुल प्रभारी के पास होगा कहकर जवाब दिया गया।
बात यहीं खतम नहीं हुई
संकुल प्रभारी गोपाल पोट्टाम से फोन के माध्यम से संपर्क किए जाने पर बताया गया कि संबंधित शिक्षक की तबीयत ठीक नहीं रहती है और उन्हें मिर्गी के दौरे आने की समस्या के कारण वे अपने घर गए हैं। हालांकि, जब अवकाश आवेदन के संबंध में पूछा गया तो स्पष्ट रूप से यह नहीं बताया जा सका कि आवेदन ऑनलाइन या ऑफलाइन किस स्तर पर उपलब्ध है। संकुल प्रभारी की ओर से कोई जवाब नहीं मिला।
इस स्थिति ने विद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था और अवकाश प्रक्रिया को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
विद्यालय में एक शिक्षक की लगातार अनुपस्थिति का सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। यदि विद्यालय में शिक्षक नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहेंगे तो शिक्षा व्यवस्था प्रभावित होना स्वाभाविक है।
आखिर हेडमास्टर, संकुल प्रभारी क्यों सहायक शिक्षक को बचाना चाहते हैं। बच्चों का स्वर्णिम भविष्य की जिम्मेदारी आखिर किसकी?
इसका सीधा मतलब है कि हेडमास्टर, संकुल प्रभारी के सरंक्षण में यह सब हो रहा है।
इस तरह का खेल और भी स्कूल में शिक्षक की अनुपस्थिति को बढ़ावा दे रहे हैं।
*निर्माणाधीन भवन में लग रही कक्षाएं, सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता*
विद्यालय का स्थायी भवन उपलब्ध नहीं होने के कारण बच्चों की कक्षाएं फिलहाल एक निर्माणाधीन भवन में संचालित की जा रही हैं। यह भवन अभी पूरी तरह तैयार नहीं हुआ है। न तो इसकी फर्श (फ्लोरिंग) पूरी हुई है, न ही प्लास्टर, पुताई या अन्य आवश्यक निर्माण कार्य पूरे किए गए हैं। भवन की दीवारों के नीचे कई स्थानों पर खुले हिस्से हैं, जिनसे सांप, बिच्छू एवं अन्य जहरीले जीव-जंतुओं के प्रवेश की आशंका बनी रहती है।
ऐसे अधूरे और असुरक्षित भवन में छोटे-छोटे बच्चों को बैठाकर पढ़ाना किसी बड़े खतरे को आमंत्रण देने जैसा प्रतीत होता है।
तालाब किनारे विद्यालय, हर समय बना रहता है हादसे का खतरा
सबसे गंभीर बात यह है कि जहां विद्यालय संचालित किया जा रहा है, वह स्थान तालाब के समीप स्थित है। बरसात के मौसम में यह स्थिति और अधिक संवेदनशील हो जाती है। बच्चों की सुरक्षा की दृष्टि से यह स्थान उपयुक्त नहीं माना जा सकता। यदि समय रहते सुरक्षित व्यवस्था नहीं की गई तो कभी भी कोई अप्रिय घटना घट सकती है।
*सरकारी योजनाओं के बावजूद जमीनी हकीकत चिंताजनक*
छत्तीसगढ़ सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। लेकिन सेमरा के गुरुद्वारी कटेलपारा प्राथमिक विद्यालय की स्थिति इन प्रयासों पर सवाल खड़े करती नजर आ रही है। एक ओर शिक्षक की अनुपस्थिति और दूसरी ओर असुरक्षित एवं अधूरे भवन में संचालित विद्यालय यह दर्शाता है कि स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाओं में गंभीर सुधार की आवश्यकता है।
*शिक्षा विभाग से अपेक्षा*
विद्यालय में नियमित शिक्षक की उपस्थिति सुनिश्चित करने, अवकाश प्रक्रिया का परीक्षण करने तथा बच्चों के लिए सुरक्षित एवं पूर्ण रूप से तैयार भवन में कक्षाएं संचालित कराने की आवश्यकता महसूस की जा रही है, ताकि बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित हो सकें।
अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग किस प्रकार शिक्षक अनुपस्थिति पर शिकंजा कसता है




