पोड़ी उपरोड़ा//बंजारी राशन घोटाला: 100 क्विंटल चावल गायब! 402 हितग्राही जून माह के राशन से वंचित फिंगरप्रिंट लिया, लेकिन राशन नहीं मिला – विक्रेता ने बयान में 90 हितग्राहियों के मामले को स्वीकारा, जांच तेज


NM भारत न्यूज (एजेंसी)
पोड़ी उपरोड़ा/कोरबा।
कोरबा// जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बंजारी की शासकीय उचित मूल्य दुकान में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) से जुड़ा एक बड़ा राशन घोटाला सामने आया है। प्राथमिक जांच में सामने आए तथ्यों ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। जांच के दौरान पाया गया कि जून माह का राशन अब तक किसी भी पात्र हितग्राही को नहीं मिला, जबकि रिकॉर्ड में गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिले हैं।
4 जुलाई 2026 को हुई जांच में पाया गया कि ग्राम पंचायत के 402 राशन कार्डधारी हितग्राही जून माह के चावल से पूरी तरह वंचित रहे। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार राशन दुकान के चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें खाद्यान्न नहीं दिया गया।
फिंगरप्रिंट लिया, चावल नहीं दिया
मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि करीब 90 हितग्राहियों से बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट) सत्यापन कराया गया, लेकिन उन्हें चावल नहीं दिया गया। जांच के दौरान स्वयं विक्रेता ने अपने बयान में स्वीकार किया कि फिंगरप्रिंट लेने के बावजूद संबंधित हितग्राहियों को राशन वितरित नहीं किया गया।
इससे पूरे मामले में गड़बड़ी की आशंका और गहरा गई है।
इधर 100 क्विंटल चावल का नहीं मिल रहा हिसाब
जानकारी के अनुसार बंजारी राशन दुकान को प्रत्येक माह लगभग 125 क्विंटल चावल का आबंटन होता है। लेकिन जांच के दौरान जून माह के आबंटन में से करीब 100 क्विंटल चावल का कोई स्पष्ट हिसाब नहीं मिला है।
जिससे बड़े पैमाने पर गबन की आशंका जताई जा रही है।
गरीबों के अधिकारों पर सीधा प्रहार
ग्रामीणों का कहना है कि शासन की महत्वाकांक्षी सार्वजनिक वितरण प्रणाली में इस प्रकार की लापरवाही और अनियमितता गरीब परिवारों के अधिकारों का खुला उल्लंघन है। राशन नहीं मिलने से कई परिवारों को आर्थिक और खाद्य संकट का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
सभी पात्र हितग्राहियों को तत्काल जून माह का लंबित राशन उपलब्ध कराया जाए।
भविष्य में ऐसी अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए सख्त निगरानी व्यवस्था लागू की जाए।
खाद्य विभाग द्वारा मामले की जांच जारी है। प्रारंभिक तथ्यों और विक्रेता के बयान के बाद अब पूरे प्रकरण में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई जारी है। और जांच में आरोप सही पाए गए ।
निश्चित रूप से कोरबा जिले के हाल के सबसे बड़े राशन घोटालों में से बंजारी पंचायत का राशन घोटाला एक माना जा सकता है।




