
NM भारत न्यूज (एजेंसी)
पोड़ी उपरोड़ा। विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा के जटगा एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था इन दिनों पूरी तरह चरमराई हुई नजर आ रही है। आए दिन होने वाली अघोषित बिजली कटौती और बार-बार ट्रिपिंग फॉल्ट से ग्रामीणों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
कभी सुबह तो कभी शाम, तो कभी देर रात बिजली गुल होने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि बिजली की स्थिति ऐसी हो गई है कि कब आएगी और कब चली जाएगी, इसका कोई भरोसा नहीं रहता।
और विभाग से जानकारी लेने पर एक ही उत्तर मिलताहै “फाल्ट हो गया है”, आखिर कब तक ऐसी लचर स्थिति बनी रहेगी ।
उल्लेखनीय है कि वर्तमान में बारिश का मौसम चल रहा है। इस दौरान शहर हो या ग्रामीण सभी क्षेत्रों में बिजली की आवश्यकता सबसे अधिक होती है। लगातार बारिश और घने जंगलों के कारण सांप-बिच्छू सहित अन्य विषैले जीवों का खतरा गांव अंचल में बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। ऐसे समय में अंधेरा होने से ग्रामीणों, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा हो जाता है।
कई बार बिजली गुल होने से लोग पूरी रात भय और असुरक्षा के माहौल में रहने को मजबूर हो जाते हैं।
बिजली की अनियमित आपूर्ति का सबसे अधिक असर स्कूली विद्यार्थियों परभी पड़ रहा है।
शाम के समयअक्सर लाइट नहीं रहने से पढ़ाई बाधित होने से बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है।
वहीं गृहणियों को , पेयजल व्यवस्था हेतु कभी कुएं के ही गंदे पानी से रसोई संभालना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि क्षेत्र में मामूली बारिश या हल्की हवा चलते ही बिजली आपूर्ति ठप हो जाती है। स्थानीय लोगों का ये भी सवाल गूंजने लगा है कि, यदि हर वर्ष मानसून से पहले लाइनों की नियमित देखरेख और पेड़ों की टहनियों की कटाई (ट्री कटिंग) की अच्छे से जाती है, तो फिर इतनी बार- बार फॉल्ट क्यों हो रहे हैं?
लोगों का आरोप है कि मैनेजमेंट अपेक्षित स्तर पर दिखाई नहीं देती, जिसका खामियाजा आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। लेकिन कब तक?
ग्रामीणों का कहना है कि जटगा एवं आसपास के गांवों की बिजली व्यवस्था इन दिनों पूरी तरह “आया राम-गया राम” जैसी बन गई है। कुछ मिनट बिजली आती है और फिर अचानक चली जाती है। इससे लोगों का दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
क्षेत्रवासियों ने विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि जटगा एवं आसपास के गांवों की विद्युत व्यवस्था का स्थायी समाधान किया जाए, नियमित मेंटेनेंस सुनिश्चित किया जाए, आवश्यक ट्री कटिंग गर्मी के मौसम में अच्छे से कराई जाए
तथा फॉल्ट सुधारने के लिए पर्याप्त कर्मचारियों की व्यवस्था की जाए, ताकि बारिश के पूरे मौसम में ग्रामीणों को निर्बाध और सुरक्षित बिजली आपूर्ति मिल सके।




